बुधवार, 28 सितंबर 2011

एक कविता "सवाल" जो आपसे भी किये जाते रहेगें...............................

             सवाल


जरूरी है
भाई, पिता उसके और उनके
लिखे हुए को पढूँ,सोचू
सोच कर जवाब दूँ
और इंतजार भी करूँ

यहाँ वे सवाल भी है
जो मेरे लिए तो है
पर मेरे नहीं,
हिदायतें भी है कि-
ये सब जरूरी है
जरूरी है, कोई सवाल न उठाऊँ

यहाँ घर के टूटने का डर है
डर है कि सभी डरे हैं

मैं बड़ा हो गया हूँ
यह जरूरी है कि अब सवालों से डरूँ.


                                                पथिक तारक



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